मनोज एल खोब्रागडे
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चंद्रपूर :- चंद्रपुर, बाबूपेठ: चंद्रपुर महानगरपालिका क्षेत्र के बाबूपेठ (प्रभाग क्र. 13), लालपेठ (प्रभाग क्र. 16) तथा इंग्लाजभवानी क्षेत्र (प्रभाग क्र. 17) में चल रहे सीवरेज पाइपलाइन कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं, कथित भ्रष्टाचार, निम्नस्तरीय निर्माण कार्य, सुरक्षा मानकों की अनदेखी तथा बाल मजदूरी के आरोप सामने आए हैं। समाजसेवक राजवीर यादव ने इन मामलों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
राजवीर यादव ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार कंपनी एवं परियोजना की निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण हजारों नागरिकों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अनेक स्थानों पर सड़कें खोदकर महीनों तक अधूरी छोड़ दी गई हैं, जिससे आम नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों तथा वाहन चालकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सुरक्षा बैरिकेड्स, चेतावनी संकेतक एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि परियोजना के दौरान कई स्थानों पर नगर निगम की नालियों, सड़कों एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया गया है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। कई स्थानों पर कार्य की तकनीकी गुणवत्ता, उपयोग की जा रही सामग्री तथा निर्माण प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र तकनीकी जांच आवश्यक है।
राजवीर यादव ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि सीवरेज परियोजना के कार्यों में कथित रूप से 14 से 17 वर्ष आयु के नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनके पास वीडियो, फोटोग्राफ एवं अन्य प्राथमिक साक्ष्य उपलब्ध हैं। यदि जांच में यह आरोप सत्य पाए जाते हैं तो यह न केवल श्रम कानूनों का उल्लंघन होगा, बल्कि बाल अधिकारों के संरक्षण से जुड़े कानूनों की भी गंभीर अवहेलना मानी जाएगी।
उन्होंने कहा कि उपलब्ध सभी साक्ष्य आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन, श्रम विभाग, चंद्रपुर महानगरपालिका, पुलिस प्रशासन तथा अन्य सक्षम जांच एजेंसियों को सौंपे जाएंगे, ताकि दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रमुख मांगें
• सीवरेज परियोजना के सभी कार्यों की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए।
• निर्माण कार्य की थर्ड पार्टी तकनीकी ऑडिट कराई जाए।
• बाल मजदूरी के आरोपों की तत्काल जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
• दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
• परियोजना की निगरानी करने वाले संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए।
• जनता को हुई असुविधा एवं दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाए।
• अधूरे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर नागरिकों को राहत प्रदान की जाए।
राजवीर यादव ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे प्रभावित नागरिकों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे। साथ ही संबंधित विभागों, श्रम विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष विस्तृत शिकायत एवं उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर जनता की सुरक्षा, सरकारी धन की गुणवत्ता तथा बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन को इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
जारीकर्ता:
राजवीर यादव
समाजसेवक, बाबूपेठ, चंद्रपुर

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